**“सात शरीर क्या होते हैं?”**
गुरु जी से एक बार किसी व्यक्ति ने पूछा— **“सात शरीर क्या होते हैं?”** गुरु जी ने बहुत सहजता से कहा— **“प्रेम महत्वपूर्ण है, बस।”** शायद पहली दृष्टि में यह…
जब दो लोग मिलते हैं, तो असल में दो लोग नहीं मिलते
*गुरु जी* कहते हैं, “जब दो लोग मिलते हैं, तो असल में दो लोग नहीं मिलते। दो उपस्थितियों के बीच एक संवाद घटता है।” वो अस्तित्व में collective का हिस्सा…
