ये सांसें…… विचारों से बाहर- Anant Sangha

ये सांसें...... विचारों से बाहर अनूठी रिदम में बहतीं, हवायें भी...... ज़रा थम कर गुजरतीं, धमनियों में लहू हौले हौले दौङता, हर धङकन दिल की... अपनी धुन में कुछ कहती,…

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जीवन का सार व तर्कों का तर्क,अतर्क है प्रेम- Anant Sangha…

🌻जीवन का सार व तर्कों का तर्क,अतर्क है प्रेम 🌻 गुरु ही है प्रेम में प्रवेश का द्वार, वो ही है जीवन का साक्षी व सार। तर्कों का भी तर्क,अतर्क…

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*राहें जुदा हों, ख़याल जुदा हों, फिर भी दिलों में फ़ासला हो—ज़रूरी तो नहीं।* – अनंत संघ

🪷 *राहें जुदा हों, ख़याल जुदा हों, फिर भी दिलों में फ़ासला हो—ज़रूरी तो नहीं।* 🪷 बहुत पहले मैंने अपने गुरु, हमारे *Modern Buddha* — अनंत श्री से एक सवाल…

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