शिष्य के जीवन में एक गुरु की भूमिका क्या होती है
नमन! शिष्य के जीवन में एक गुरु की भूमिका क्या होती है, यदि साधक से पूछें तो शायद वो बता न पाए, नहीं कि वो बता नहीं सकता पर जैसे…
कहते हैं— यहाँ कुछ भी टूटा हुआ नहीं है,
कहते हैं— यहाँ कुछ भी टूटा हुआ नहीं है, कुछ भी अलग-थलग नहीं। हर श्वास दूसरी श्वास को थामे हुए है। सब कुछ— सब कुछ को संभाल रहा है। जब…
