inner reflection of Anant Sangha’s friend…

प्रणाम..🥀
“प्रेजेंस” मूल आधार है जीवन का.. इस प्रेजेंस में ही स्वाभाविक जीवन फलीभूत होता है.. जीवन जब नजरअंदाज होता है..हम किसी अंधी दौड़ में शामिल हो ही जाते हैं.. ये दौङ हमें कहीं नहीं ले जाती..जीवन का मौलिक प्रकाश जब नजर नहीं आता..स्वयं की मौजूदगी से हम बाकिफ ही नहीं होते.. शायद ये मौलिकता ही स्वयं की मौजूदगी है जो किसी समृद्धि की तरह जान पङती है.. शायद हमें खबर ही नहीं जीवन की संवेदना का अभाव ही सबसे बङी पीड़ा है.. इस अनुपस्थिति को भरने के लिए हम क्या नहीं करते..नाम, रूप, पद, प्रतिष्ठा से जब यह अभाव नहीं भरता..तब किसी विचार या मान्यता के हम शिकार हो जाते हैं..जिसका जीवन से कोई सरोकार ही नहीं होता.. शायद ये ज्यादा खतरनाक है.. बाहरी कोई भी तादात्म्य जीने में बड़ा अवरोध है..तादात्म्य ही भीतर कोई झूठा स्व निर्मित कर देता है.. किसी भ्रामक स्थिति से बचने के लिए स्वयं का स्वीकार ही शायद एकमात्र विकल्प है जीने का..ये अनुपस्थिति कोई रिक्त स्थान नहीं जिसे हम किसी वस्तु, शब्द या विचार से भर लेंगे.. ये सच है अनुपस्थिति से उत्पन्न पीङा ही हमें गुरु की सघन उपस्थिति में ले आती है.. कब..कैसे और कहां..ये कोई नहीं जानता..जीने की प्यास ही जीवन का स्रोत खोज लेती है.. एक अस्तित्वगत गुरु का मिलना जीवन की तरह.. सहज.. सरल और स्वाभाविक सा जान पड़ता है.. सचमुच.. ये सौभाग्य है अनंत पथ के उन सभी मित्रों का जो अनंत श्री जैसे अस्तित्वगत गुरु के साथ चलते हुए स्वाभाविक रूप से रूपांतरित हो रहे हैं.. उनके साथ धैर्य और ध्यान में बहते हुए जीवन सहज ही विकसित होने लगता है..ऐसा लगता है अनंत श्री की प्रेजेंस चुपके से हमें घेर लेती है.. फिर धीरे से जीने में शामिल हो जाती है..और हमें अहसास भी नहीं होता.. सचमुच ये प्रेजेंस किसी अहसास, अनुभव, अनुभूति के पार जीवन का कोई अद्भुत संप्रेषण है.. जो प्रत्येक बुद्ध के माध्यम से अनूठे ढंग में प्रवाहित होता रहता है..आज अनंत श्री की उपस्थिति शब्दों के माध्यम से भी बह रही है.. सचमुच अनंत श्री जीवन का कोई करिश्मा हैं.. शायद इसीलिए उनसे मिलना..उन्हें सुनना हमें विस्मय से भरता है..प्रेजेंस ही जीवन का पूरा विस्तार है.. जिसमें हमारा होना शामिल है..गुरु की प्रसेंस में होना अक्सर दुर्लभ जान पड़ता है..पर अपनी सहजता में जीते हुए कोई भी इस प्रसेंस में शामिल हो जाता है..!!
……एक अहोभाव प्रभु 🙏🏾

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