प्रेम नेति नेति नहीं, येति येति है…

प्रेम नेति नेति नहीं, येति येति है। येति येति ऐसे ही coin हुआ शब्द है समझने के लिए। अनंत श्री से जो मैंने समझा --- लोगों ने प्रेम को अक्सर…

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*_बोधि माँ_* The Eternal Presence…

*_बोधि माँ_* ऐसी उपस्थिति, जिसमें करुणा तारा की तरह उतरती है, जिनके प्रकाश में अवलोकितेश्वर जैसी करुणा और अभय की दृष्टि है। उनकी उपस्थिति से एक पीठ का जन्म हुआ—…

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अस्तित्व का एक ही स्पंदन:- प्रेम ।।

अस्तित्व का एक ही स्पंदन:- अस्तित्व से हम अलग कहाँ हैं? हम अक्सर स्वयं को अस्तित्व से अलग मानकर जीते हैं—जैसे *मैं* यहाँ हूँ और अस्तित्व कहीं बाहर है। लेकिन…

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