अपने होने का सत्य स्वयं के अंतर से ही मिलता है- Anant Sri
…अपने होने का सत्य स्वयं के अंतर से ही मिलता है, स्वयं के अनुभव से ही मिलता है. और उस अनुभव में प्रवेश करने के लिए अकेले ही चलना पड़ता है.
इस अंतर्यात्रा में अकेले – अकेले चलते हुए लोग जब मिलते हैं और किसी संबुद्ध मित्र के साथ एक लय में तरंगित होने लगते हैं, तभी घटता है बुद्ध-क्षेत्र या संघ या अनंत पथ…
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जीवन के प्रवाह में सद्गुरु का संग साथ अद्भुत है 🪷🪷😊🥀🌹🙏🏻🙏🏻🙏🏻
प्रणाम तथागत सद्गुरुजी 🌹🙏♥️🌻🎆🙏
Pranaam 🙏🏼 🌹 🌹🌹🙏🏼
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