Presence of Anant Sri:-
Inner Harmony का यह शिविर अनूठा रहा, भीतर और बाहर का भेद जैसे समाप्त हो गया । अक्सर प्रेम, शांति और प्रसन्नता का आयाम तो सबकी पकड़ में आ जाता है, लेकिन समस्वरता पकड़ में नहीं आती । वैसे बाहर से देख कर बता पाना कठिन होता है कि किसी के जीवन में समस्वरता घटी है या नहीं, लेकिन यह आयाम बेहद महत्वपूर्ण है ।
समस्वरता का गुणधर्म व्यक्ति को संतुलित और संघर्षों से मुक्त बनाता है । ऐसा व्यक्ति अतियों में नहीं डोलता । विकट परिस्थितियाँ भी ऐसे व्यक्ति के समक्ष अपने-आप जगह देने वाली बन जाती हैं । जब जीवन और स्वयं में कोई अलगाव नहीं बचता तब ही समस्वरता की स्थिति घटती है । एक समस्वरित व्यक्ति ही सही मायने में ‘who cares’ कह सकता है । वहाँ केवल प्रत्युत्तर घटता है, अपना कोई आग्रह नहीं होता । यह एक ही साथ विश्राम और गति से लयबद्ध हो जाना है, जैसे कि कोई नृत्य हो ।
महाशिवरात्रि का उत्सव भी इस शिविर के मध्य घटा जो कि समस्वरता का ही प्रतीक है । शिव और शक्ति का मिलन जो कि पूर्ण विश्राम और पूर्ण गति का मिलन है, हम सबने साथ मिलकर मनाया । विश्राम और गति के मिलन से ही जीवन का उदय होता है । ऐसा कहा भी गया है कि शक्ति के बिना शिव शव हैं, और शिव के बिना शक्ति दिशाहीन है । सभी मित्रों के आमने-सामने होकर जीवन से जुड़ना एक दिव्य अनुभव रहा । सभी को बहुत धन्यवाद और प्रेम 🙏💖
Mukta…
