चाहिए

चाहिए -Anant Sri "चाहिए" ही सारे संघर्ष और संताप की आधारभूमि है।  "है" में जीना ही तुम्हें सारे संघर्ष और संताप से मुक्त करता है। तुम इस "है" में जीना सीखो। "चाहिए"…

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