शिव नेत्र

शिव नेत्र- Anant Sri शिव नेत्र अर्थात शिव की तीसरी आँख, द्वैत से पार उठ गयी अद्वैत की दृष्टि है. दो आँखें कामना से भरी दृष्टि का प्रतीक हैं और…

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जीवन प्रवाह है

जीवन प्रवाह है- अनंत श्री जीवन प्रवाह है- समस्त विपरीतताओं को अपने में समेट कर बहता हुआ; चिर पुरातन, चिर नवीन, अभी और यहीं वर्तमान के शाश्वत क्षण में...

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