धरती का प्राचीनतम स्वप्न है

धरती का प्राचीनतम स्वप्न है- Anant Sri

…धरती का प्राचीनतम स्वप्न है कि तुम स्वयं को जन्म दे सको.

एक जन्म तुम्हें शरीर के माध्यम से माता-पिता के द्वारा मिलता है, लेकिन ये केवल एक भूमिका है.

इस जन्म के साथ ही तुम्हें धरती का प्राचीनतम स्वप्न दिया गया है, ताकि तुम स्वयं को जन्म दे सको.

स्वयं को जन्म देना अपने विराट स्वरुप को जान लेना है …

(सद्गुरु अनंत श्री की पुस्तक “कार्य और ध्यान” से)

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